Friday, September 21, 2012

माँ नहीं होती अपने बच्चो से कभी दूर,वो उनके दिलों में रहती है,
मत होना तुम दुखी कभी भी,दूर बादलों के पीछे से कहती है !
गौर से देखो तुम्हे वो खुद में ही मिल जाएगी,तुम्हारी आँखों में,चेहरे में और तुम्हारी बातों में,
तुम्हारे उठने बैठने चलने में,तुम्हरे सब जज्बातों में !
जब भी लड़-खड़ाओगी राहों में,तो देकर हाथ तुम्हे वो थाम लेगी,
दूर है तो क्या हुआ,हर मुश्किल सहने की शक्ति देगी!!

Tuesday, September 18, 2012

माँ की गोद में सर था जब मेरा, दुनिया की दौलत थी।।
एक दिन वो थी मेरी गोद में, और मै गरीब हो गयी।।
अपर्णा।।

Tuesday, September 4, 2012

wo bhi bantegi aaj

!!!!!वो भी बंटेगी आज!!!!
बैठी थी चौखट पे वो,  आसमां को निहारती आज! 
जिस घर में आकर पूरी हुई,  वहीँ बंटेगी वो आज!
जिस आँगन में उन्हें चलना सिखाया, उस आँगन क साथ वो भी बंटेगी आज!
जिस चम्मच से उन्हें  दावा पिलाई, उस चम्मच के  साथ वो भी बंटेगी आज!
जिस तवे पे सेंक के उन्हें रोटियां खिलायी, उस तवे क साथ वो भी बंटेगी आज!
जिस थाली में उन्हें एक साथ खाना सिखाया, उस थाली के साथ वो भी बंटेगी आज!
जिन गहनों को गिरवी रखकर उन्हें काबिल बनाया, उनके साथ वो भी बंटेगी आज !
सोच में डूबी थी वो, जाउंगी मै किसके साथ, छोटा ले जायेगा या बड़ा रखेगा अपने पास!
हे ईश्वर बुला लो मुझे अपने पास, करती रही बस यही फ़रियाद!!!
हुआ सवेरा आई जब बंटवारे की बात, क्या बांटते वो!!!!!!!!!
बची न थी उसमे बांटने को अब एक भी सांस, एक भी सांस, एक भी सांस!!!!!!
अपर्णा!!!!!