माँ नहीं होती अपने बच्चो से कभी दूर,वो उनके दिलों में रहती है,
मत होना तुम दुखी कभी भी,दूर बादलों के पीछे से कहती है !
गौर से देखो तुम्हे वो खुद में ही मिल जाएगी,तुम्हारी आँखों में,चेहरे में और तुम्हारी बातों में,
तुम्हारे उठने बैठने चलने में,तुम्हरे सब जज्बातों में !
जब भी लड़-खड़ाओगी राहों में,तो देकर हाथ तुम्हे वो थाम लेगी,
दूर है तो क्या हुआ,हर मुश्किल सहने की शक्ति देगी!!
मत होना तुम दुखी कभी भी,दूर बादलों के पीछे से कहती है !
गौर से देखो तुम्हे वो खुद में ही मिल जाएगी,तुम्हारी आँखों में,चेहरे में और तुम्हारी बातों में,
तुम्हारे उठने बैठने चलने में,तुम्हरे सब जज्बातों में !
जब भी लड़-खड़ाओगी राहों में,तो देकर हाथ तुम्हे वो थाम लेगी,
दूर है तो क्या हुआ,हर मुश्किल सहने की शक्ति देगी!!