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Monday, October 28, 2013
खामोश मुलाकात
ख़बर ना होती तुझे और
मुलाक़ात भी कर लेते हैं तुझसे,
हर रोज़, ख्वाबों ख़यालों में ख़ामोशी से।
अपर्णा
Monday, October 14, 2013
अनंत
राहें खोले बाहें बुलाती हमे अनंत तक.…
---------------अपर्णा---------------
Tuesday, October 1, 2013
वक्त
वक़्त को कलाई में बांधते रहे हम,
और वो हथेली से फिसलता रहा।
पल- पल.
-------अपर्णा-------
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