जब पथ भटके तो पथ दिखलाया, सही गलत में भेद सिखाया ,
जब की गलती हमने तो,कभी डांटा हमे तो कभी प्यार से समझाया,
कभी बने माता पिता हमारे, तो कभी दोस्त का फर्ज निभाया,
जो ऊँचाईया हमने जीवन में पाई, जो भी प्रतिष्ठा आज हमने कमाई,
आपने ही हमारी ज़िन्दगी संवारी, रहेगे सदा हम आपके आभारी!!!
अनुराधा "अनु"